तेरी याद में, ये स्वाद भी देख बच्चे सा रूठा है. तेरी याद में, ये स्वाद भी देख बच्चे सा रूठा है..
गोया हर निवाले पे पूछा करे है, "सच बता कम्बखत, तू क्या वाकई में 'उनका' झूठा है?"
याद में तेरी कपडे धोए, बर्तन घिसे, झाड़ू मारी. याद में तेरी कपडे धोए, बर्तन घिसे, झाड़ू मारी..
बेखुदी में जिसे चमका आये प्रशांत, वोह तो पडोसी की गली, उसका आँगन, उसका खूंटा है!
दुनिया भर की कैंडी, टोफ्फी, और चोकोलेट चाबी. दुनिया भर की कैंडी, टोफ्फी, और चोकोलेट चाबी..
पर स्वाद वोह फिर और कहीं ना आया जालिम, जैसा मीठा तेरा दायाँ, गोलू अंगूठा है!
तेरी याद में, ये स्वाद भी देख बच्चे सा रूठा है. तेरी याद में, ये स्वाद भी देख बच्चे सा रूठा है..
गोया हर निवाले पे पूछा करे है, "सच बता कम्बखत, तू क्या वाकई में 'उनका' झूठा है?"
- प्रशांत चोपरा.
६ मई २०१०.
Dedicated to my loving wife Radhika:-)
सुबह
-
दबे पाँव उतर कर,
चाय की भाप से
घर महकाने वाली ...
हमारी सुबह चली गयी |
चढ़ती धूप की आंच पर,
अलसाई फीकी नींद में
श्लोकों का शहद गिराने वाली ...
हमारी सुबह ...
8 years ago